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कृषि विज्ञान केन्द्र कुकुमसेरी में वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक

केलंगः 27 सितम्बर, 2013
जिला लाहौल स्पीति के कुकुमसेरी स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र में 10वीं वेज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसकी की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेष कृषि विष्वविद्यालय के प्रसार षिक्षा निदेषक डा0 वाई0एस0 पाल ने की। बैठक में जिले के विभिन्न विभागों के प्रभारियों तथा जिले के प्रगतिषील किसानों ने भाग लिया। बैठक की शुभारम्भ कृषि विष्वविद्यालय के संकेत धुन से किया गया तत्पष्चात केन्द्र के प्रभारी डा0 खान ने मुख्य अतिथि वाई0एस0 पाल निदेषक प्रसार षिक्षा तथा विषिष्ट अतिथि उप मण्डल अधिकारी राजकृष्ण ठाकुर तथा पुष्पगुच्छ व टोपी पहनाकर स्वागत किया। इस बैठक में केन्द्र के प्रभारी डा0 खान ने पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि की तथा कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा वर्ष 2014 में किए जाने वाले कार्यक्रमों का ब्यौरा रखा जिसमें अगले वर्ष किसानों के खेत पर परीक्षण, खरपतवार नियन्त्रण के लिए 10 कैम्प, कृषको को केन्द्र पर प्रषिक्षण षिविर जिसमें कम्पोस्ट बनाने के तरीके, कृषि रसायन खरीदने सम्बन्धि सावधानियंा एकीकृत बागवान प्रबन्धन तथा युवाओं के लिए व्यवसायिक प्रषिक्षण षिविर जिसमें मषरूम उत्पादन, कैचुआ खाद उत्पादन तथा आय बढौतरी के लिए मधु मक्खी पालन आदि शामिल है। बैठक में किसानों ने अपनी समस्याओं को वैज्ञानिको के समक्ष रखे।
मुख्य अतिथि डा0 वाई0एस0 पाल ने किसानो की ज्वलन्त समस्याओं को सुना तथा उसके अनुसार कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रषिक्षणों तथा प्रर्दषनों के लिए दिषा निर्देष दिए। डा0 वाई0एस0 पाल ने कहा कि बैठक पिछले वर्ष किए गए कार्याे की समीक्षा की गई लेकिन सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग तथा पषु स्वास्थ्य एवं प्रजनन विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों की अनुपस्थिती पर डा0 पाल अप्रसन्ता व्यक्त की। पाल ने कहा कि सभी विभागाध्यक्षों ने माना कि सभी एकीकृत दृष्टिकोण से अपने कार्यक्रमों का समन्वय कर किसानों के हित के लिए काम करेंगे जिससे किसानों को सीधा लाभ हो व उन्होंने कहा कि विज्ञानिक किसानों के खेतों में जा कर शोध करते हैं तथा जिन कीटनाषक व दवाईयों के उपयोग के बारे में बताते है उसे विभाग व प्रषासन के माध्यम से किसानों को उपलब्ध करवाया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने बताया कि अगले वर्ष के लिए लगाए जाने वाले प्रर्दषनियों के लिए स्थान चिन्हित कर लिए है। उन्होंने कहा कि जिला लाहौल स्पीति वैसे भी कठिन व दुर्गम क्षेत्र में आता है जोकि स्पीति वैली भी इसी क्षेत्र में आती है, इसलिए लिए हमारी यह कोषिष होनी चाहिए कि वैज्ञानिक व प्रषासन मिल कर किसानों को आत्म निर्भर बनाए तथा इस जिला को सबसे उत्तम स्तर पर ले जाने के लिए कामयाब हो पाएंगे तथा देष में इस जिला का नाम आगे कर सकें। बैठक के अन्त में डा0 पाल ने कुकुसेरी स्थित तकनीकी पार्क तथा कृषि विज्ञान केन्द्र संग्राहलय का का भी दौरा किया।

 

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