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कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिये ऋण को प्रोत्साहित करें बैंक – मदन चौहान

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यूको बैंक द्वारा आज 134वें जि़ला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त सोलन मदन चौहान ने की। बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान विगत दिसम्बर माह तक वित्तीय सेवाओं और विभिन्न सरकारी विकास कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। उपायुक्त ने बैंकों तथा सरकारी विभागों से कहा कि कृषि तथा कृषि सम्बद्ध अन्य क्षेत्रों में पूंजी निवेश तथा ऋण विस्तार में पिछले तीन वर्षों से अपेक्षित वृद्धि नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में अच्छी इस क्षेत्र में अच्छी वृद्धि दर्ज हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए जरूरी है कि कृषि, बागवानी तथा पशुपालन जैसे क्षेत्रों में सरल तथा सस्ते ऋण उपलब्ध करवाए जाएं।
उन्होंने कहा कि जि़ला में स्वरोजगार के अधिक से अधिक अवसर पैदा करने के लिए सरकारी विभागों, बैंको, स्वयं सेवी संस्थाओं तथा प्रशिक्षण संस्थाओं को मिलजुल कर काम करना होगा। वित्तीय शिक्षा तथा साक्षरता के साथ-साथ ग्रामीण लोगों में विकास कार्यक्रमों की जानकारी पहुंचाना अति आवश्यक है। चौहान ने बैंकों से कहा कि अपनी नई शाखाओं को खोलते समय ध्यान रखें कि नई शाखाएं ऐसे क्षेत्रों में हों जहां पहले से ही बैंकिंग सुविधा न हो। निजी क्षेत्र के बैंकों से उन्होंने विशेष आग्रह किया कि वे ग्रामीण
तथा बैंक सेवा रहित क्षेत्रों में नई शाखाएं खोलें। उपायुक्त ने नाबार्ड, सरकारी विभागों तथा स्वयं सेवी संस्थाओं का आह्वान करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिला सशक्तिकरण, आर्थिक स्वावलम्बन तथा आत्मसम्मान के लक्ष्य मात्र एक कार्यक्रम द्वारा प्राप्त किए जा सकते हैं मगर इसके लिए जरूरी है कि सरकारी अधिकारियों, बैंक अधिकारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वयंसेवियों में आपसी तालमेल होे। प्रधानमंत्री स्वरोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत बैंकों तथा सरकारी एजेंसियों के उत्कृष्ट कार्य की सराहना करते हुए उन्होंने बैकों, जि़ला उद्योग केन्द्र, खादी बोर्ड तथा खादी आयोग को बधाई दी। चौहान ने जि़ला में उपलब्ध बैंकिंग सेवाओं को देखते हुए बैंकों से आग्रह किया कि जि़ला के प्रत्येक परिवार को एक बचत खाता, एक सरल तथ सस्ती ऋण सुविधा, एक सूक्ष्म बीमा तथा एक सरल कार्ड को न्यूनतम आवश्यकता की तरह उपलब्ध करवाने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम तैयार करें। समीक्षा बैठक का संचालन करते हुए कृष्ण कान्त वर्मा, अग्रणी <http://vxz.kh>जि़ला प्रबन्धक ने कहा कि वर्तमान में जि़ला में 211 बैंक शाखाएं एवं 157 एटीएम कार्य कर रहे हैं। जि़ला की कुल 211 पंचायतों में बैंक अपनी शाखाओं अथवा अपने एजेंटों द्वारा सेवाएं उपलब्ध करवा रहे हैं। वर्ष 2014 के दौरान बैंकों की लगभग 20 और शाखाएं खोलने का प्रस्ताव है। वर्मा ने बताया कि जि़लाभर में वित्तीय साक्षरता प्रसार के लिए सभी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन कर रहे हैं। यूको ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केन्द्र सोलन एवं यूको वित्तीय साक्षरता केन्द्र इस वर्ष बैंकों के साथ मिलकर जि़ला में 200 शिविरों का आयोजन करेगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक का भी सहयोग लिया जायेगा। अग्रणी <http://vxz.kh> जि़ला प्रबन्धक ने कहा कि दिसम्बर, 2013 तक समाप्त नौ महीनों के दौरान बैंको ने जि़लाभर में 1056 करोड़ रुपये के ऋण दिए जिनमें कृषि कार्यों के लिए 271 करोड़ रुपये, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग तथा सेवा क्षेत्र में 355 करोड़ एवं शिक्षा, आवास जैसे कार्यों के लिए 161 करोड़ रुपये उपलब्ध करवाए गए। उन्होंने बताया कि जि़ला में बैंको का कुल कारोबार 10,660 करोड़ रुपये तथा जमा राशियां 5849 करोड़ व ऋण 4811 करोड़ हो गई है। बैंकों ने अपने कारोबार में 12.50 प्रतिशत वृद्धि दर दर्ज की।बैंकों ने दिसम्बर, 13 तक समाप्त नौ माह की अवधि में कृषि ऋण को छोड़ अन्य सभी राष्ट्रीय मापदण्डों को पूरा कर लिया है और जि़ला का ऋण जमा अनुपात 82.22 प्रतिशत प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण 55.99 प्रतिशत कमजोर वर्गों को प्रदत ऋण 11.40 प्रतिशत तथा महिलाआकें को प्रदत ऋण 5.69 प्रतिशत दर्ज हुए हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बैंकों ने अभी तक लगभग 1.३९ करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किए हैं। जि़लाभर में बैकों ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के 187 ऋण स्वीकार किए। वर्मा ने कहा कि संचार माध्यमों, सरकारी विभागों तथा स्वयं सेवी संस्थाओं को ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड लेने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि किसान तीन लाख रुपये तक का ऋण मात्र 4 से 7 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज दर पर, मुफ्त 50,000 रुपये तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा एवं पूरी तरह मुफ्त फसल बीमा का लाभ उठा सकें। किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा कृषकों के लिए हर बैंक में उपलब्ध है। अग्रणी <http://vxz.kh> जि़ला प्रबन्धक ने कहा कि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में समाज के सबसे कमजोर वर्गों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का सबसे कारगर संस्थागत उपाय है स्वयं सहायता समूह। जि़ला में स्थापित लगभग 6000 स्वयं सहायता समूहों में से अधिकतर का गठन एवं कार्य करने का ढंग पूरी तरह व्यावसायिक नहीं है। सरकारी विभागों, बैंकों, नाबार्ड, स्वयं सेवी संगठनों तथा स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में समन्वय स्थािपत कर इन समूहों को अधिक कारगर बनाने की जरूरत है।बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबन्धक गुरदयाल सिंह, महाप्रबन्धक जि़ला उद्योग केन्द्र यशपाल शर्मा, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, कृषि पशुपालन, बागवानी, बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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