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कूड़ा कबाड़ की बोरियां नहीं अब हाथों में लहरा रही हैं किताबे

सर्वशिक्षा अभियान ने बच्चों के सपनों को लगाए पंख

हमीरपुर १९ सितंबर ( ) कभी जिन बच्चों के कंधे कूड़ा कबाड़ की बोरियों ढो रहे थे अब उन बच्चों के हाथों में किताबें लहरा रही हैं। हमीरपुर जिला के नादौन में मेहनत मजदूरी के लिए आए उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर के भूप राम ने कभी नहीं सोचा था कि अन्य बच्चों की तरह उनका बेटा और बेटियां स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे लेकिन सर्व शिक्षा अभियान उनके परिवार के द्वार पर शिक्षा का उजाला लेकर आया है।
११ वर्षीय रिंकी देवी और नौ वर्षीय पूजा अपने माता-पिता की कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते लोगों के घरों में झाड़ू तथा बर्तन साफ कर गुजर बसर कर रही थी जबकि उनका आठ वर्षीय भाई विवेक बोरियां हाथ में उठाकर जगह-जगह घूमकर कूड़ा कबाड़ एकत्रित कर अपने माता-पिता की रोजी रोटी चलाने में मदद कर रहे थे, इन बच्चों पर सर्व शिक्षा अभियान के संचालकों की नजर पड़ी और अभिभावकों से संपर्क कर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित किया गया तथा सर्व शिक्षा अभियान के शिक्षा गारंटी योजना के तहत राजकीय प्राथमिक पाठशाला नादौन में आरंभ किए गए गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में अगस्त माह में प्रवेश दिलाया गया।
रिंकी देवी का कहना है कि स्कूल में पढ़ाई करना अच्छा लग रहा है, शिक्षक उनकी पढ़ाई का पूरा ध्यान रख रहे हैं। उसका कहना है कि वह शिक्षक बनकर समाज की सेवा करने का सपना पूरा करना चाहती है इसी तरह से विवेक और पूजा भी उच्च शिक्षा ग्रहण कर अच्छी सरकारी नौकरी करने का सपना मन में संजोये हुए हैं। इनके पिता भूप देव का कहना है कि कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते उनको परिवार की रोजी रोटी चलाने के लिए उत्तर प्रदेश से हिमाचल प्रदेश आना पड़ा है तथा यहां पर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं, पगार इतनी ज्यादा नहीं थी कि वह अपने बच्चों को स्कूल तक भेज सकते लेकिन कुछ शिक्षकों ने उनसे संपर्क कर बच्चों को स्कूल प्रवेश दिलाने तथा निशुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाने की बात की जिससे प्रेरित होकर उन्होंने अपने बच्चों को स्कूल भेजना आंरभ किया। उनका कहना है कि उनकी दो बेटियां और बेटा स्कूल जाने में सुखद महसूस कर रहे हैं। इसी तरह से राजस्थान की जोधपुर की रोशनी देवी का बेटा विनोद तथा रेखा, बिहार के दरभंगा के वजनाथ साहनी के बेटे गोपाल, नवीन तथा बेटियां सविता, सरिता, होशियारपुर के जसवंत के बेटा गोबिंदा तथा बेटी सुमना, रोपड़ के पवन का बेटा रवि तथा बिहार के दरभंगा के महेंद्र साहनी के बेटे जितेंद्र तथा सुधीर भी इसी स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं इन बच्चों के अभिभावक सर्व शिक्षा अभियान के तहत चलाए जा रहे गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं और हो भी क्यों न बच्चों के भविष्य के सपनों को पूरा करने के लिए सर्वशिक्षा अभियान ने पंख लगा दिए हैं।
उपायुक्त हमीरपुर आशीष सिंहमार का कहना है कि सर्वशिक्षा अभियान के तहत जिला हमीरपुर में राजकीय प्राथमिक पाठशाला (कन्या), नादौन में अक्तूबर २०१० से गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आरंभ किया गया है जिसके तहत प्रवासी बच्चों को शिक्षा का अधिकार कानून के तहत नि:शुल्क शिक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है। इस पाठशाला में पड़ोसी राज्यों बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, के घुमन्तू एवं झुग्गी झोपड़ी परिवारों के ३२ बच्चे नि:शुल्क शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं जबकि ९७ प्रवासी बच्चे (एनआरएसटी) गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। बच्चों को विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने हेतू अलग से ही एक ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर की नियुक्ति की गई है। उन्होंने कहा कि गैर आवासीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा से वंचित बच्चों के लिए काफी कारगर साबित हो रहा है।

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