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कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं

13_02_2015-13blp-1-c-2 बिलासपुर : स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की कुष्ठ रोग इकाई की ओर से ग्राम पंचायत सेऊ के गांव भदरोग में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महिला मंडल की प्रधान रेखा देवी ने की। कुष्ठ रोग कार्यकर्ता विवेक कुमार शर्मा ने इस बीमारी के बारे में जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग लाइलाज नहीं है और न ही देवी-देवताओं तथा पुराने पापों का फल है। इसका इलाज संभव है यह रोग अन्य रोगों की तरह साधारण रोग है। इसलिए कुष्ठ रोगियों से नफरत नहीं करनी चाहिए। यह रोग एक जीवाणु से होता है जो मनुष्य के शरीर की चमड़ी तथा तंत्रिकाओ को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के शरीर पर हल्के पीले, तांबे रंग के दाग पड़ना, उनमें सूनापन होना खासकर, उसमें खुजली न होना, हाथ पांव में सूनापन आ जाना या उनमे चींटियो जैसे चलने का आभास होना तथा हाथ पांव की उंगलियां टेढ़ी होना, यह कुष्ठ रोग के लक्षण हो सकते हैं। जन्म से निकला हुआ दाग कुष्ठ रोग नहीं होता है। इस रोग का इलाज बिल्कुल ही आसान है। इसका उपचार मात्र छह माह तथा 12 माह का है। दवाईयों का सेवन करने से मनुष्य पूर्णत: स्वस्थ हो जाता है ओर अपंगता से बच सकता है। इसका समय पर उपचार न करवाने से शरीर के विभिन अंगो में विकृतियां (अपंगता) आ जाती हैं। इस रोग की दवाईयां सभी स्वास्थ्य संस्थानों में निशुल्क उपलब्थ करवाई जाती है। उन्होंने उपस्थित सभी सदस्यों से कहा की इस रोग को जड़ से मिटाने के लिए इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाना होगा। यदि किसी भी व्यक्ति में इस तरह के लक्षण लगते हों तो उसे तुरंत नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र मे भेजें। इस अवसर पर महिला मंडल देलग (भदरोग) की सचिव शर्मिला देवी, सदस्य कांता देवी, नीमा देवी, अनीता देवी, सुनीता देवी, निर्मला देवी, किरण देवी, सरला देवी, कर्मी देवी, व्यासा देवी, रजनी देवी, कौशल्या देवी, गीता देवी आदि मौजूद रहे।

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