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कुल्लू जिला में विकलांग छात्रवृृत्ति योजना से 63 लाभान्वित , अक्षम व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए छात्रवृति

कुल्लू 11 सितंबर :वर्तमान प्रदेश सरकार सामाजिक क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है, जिससे उपेक्षित व निर्धन वर्गों का सर्वांगीण विकास सम्भव हो सके। इस दिशा में शिक्षा के क्षेत्र में विकलांग छात्रों को विशेष तरजीह दी जा रही है। प्रदेश सरकार का उददेश्य उन्हें मुख्य धारा में शामिल करना तथा आत्मनिर्भर बनाना है। कुल्लू जिला में विकलांग छात्रवृृत्ति योजना के तहत 3 लाख, 15 हजार, 583 रूपये स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 63 पात्र व्यक्तियों को लाभ पहुंचा है। पात्रता के लिए 40 प्रतिशत विकलांगता या इससे अधिक अनिवार्य है।
जिला कल्याण अधिकारी प्रताप नेगी ने बताया कि कुल्लू विकास खण्ड में 26 लोग लाभान्वित हुए हैं, जिन पर 1 लाख, 33 हजार, 449 रूपये व्यय हुए हैं।विकास खण्ड बंजार में 24 जिन पर 1 लाख 15 हजार, 8 रूपये व्यय हुए हैं। आनी विकास खण्ड में 10 जिन पर 52 हजार 545 रूपये व्यय हुए हैं तथा निरमण्ड विकास खण्ड में 3 लाभान्वित जिन पर 14 हजार, 580 रूपये खर्च हुए हैं।
जिला कल्याण अधिकारी के अनुसार कक्षा 1 से 5वीं तक 350 रूपये मासिक छात्रवृृत्ति तथा छात्रावास में रहने वालों को 1000 रूपये मासिक दिए जाते हैं। कक्षा 6 से 8वीं तक को 400 रूपये मासिक, कक्षा 9वीं से 10वीं 450 रूपये मासिक, 11वीं, 12वीं के छात्रों को 500 रूपये मासिक, बीए/बीएससी के छात्रों को 550 और एम.ए/एमएससी के छात्रों को 750 रूपये मासिक छात्रवृृत्ति दी जा रही हैं। छात्रावास में रहने वाले बीए/बीएससी तथा एमए/एमएससी के छात्रों को 2000 रूपये मासिक छात्रवृृत्ति दी जा रही है।
प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाएं विकलांगों को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के लिए प्रयासरत हैं। जिला में 40 प्रतिशत से अधिक विकलांग व्यक्ति जो इस सुविधा से वंचित रह गए हैं, वे जिला कल्याण अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। विकलांगों के लिए कौशल विकास भत्ता 1500 रूपये करना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है तथा सामाजिक न्याय के प्रति सरकार कृृत संकल्प है। 18 से 35 वर्ष की आयु के 10वीं पास विकलांग युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रदेश सरकार दो वर्षों तक प्रतिमाह 1500 रूपये भत्ता देगी। कौशल विकास भत्ते का लाभ उठाकर ये युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे। विकलांग युवाओं के दक्षता उन्नयन की दिशा में ये योजना एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। कौशल विकास भत्ते से विकलांग युवाओं को न केवल आर्थिक मदद मिलेगी, बल्कि वे कोई व्यावसायिक कोर्स करके स्वावलंबी बन सकेंगे।

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