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कुल्लू जिला के बुनकरों को संबोधित करते हुए डा. राव

कुल्लू   26 अक्तूबर, 2013
केंद्रीय कपड़ा मंत्री डा. के.एस. राव ने कहा है कि केंद्र सरकार ने आर्थिक तंगी से जूझ रहे बुनकरों व इनसे जुड़ी सहकारी सभाओं के ऋण माफ करने का निर्णय लिया है। इससे देश भर के लाखों बुनकरों को लाभ पहुंचा है। बुनकरों के लिए मात्र छह प्रतिशत ब्याज पर ऋण भी दिए जा रहे हैं। बैंकों के शेष ब्याज का भुगतान केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय करेगा। शनिवार को देव सदन में आयोजित एक कार्यक्रम में कुल्लू जिला के बुनकरों को संबोधित करते हुए डा. राव ने यह जानकारी दी।
डा. राव ने बताया कि केंद्र सरकार की बुनकर ऋण माफी योजना के तहत कुल्लू जिला की भी 43 बुनकर सोसाइटी लाभानिवत हुर्इ हैं। इस योजना के तहत अधिक से अधिक सहकारी सभाओं और बुनकरों को लाभानिवत करने के लिए केंद्र सरकार ने नियमों में कुछ ढील भी दी है। केंद्रीय मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस योजना का लाभ अधिक से अधिक बुनकरों को देने के लिए दिसंबर तक सभी औपचारिकताएं पूरी करें और ऐसी बुनकर सोसाइटीज का आडिट भी सुनिशिचत करें। साथ ही उन्होंने बुनकरों से अपील की कि कपड़ा मंत्रालय के माध्यम से मिलने वाले ऋणों का उपयोग केवल बुनकर उत्पादन के लिए ही करें। डा. राव ने कहा कि पावरलूम से तैयार उत्पादों को हैंडलूम के नाम से बेचने वाले व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवार्इ की जा रही है। अभी तक इस तरह के 65 मामलों में एफआर्इआर भी दर्ज करवार्इ गर्इ है। उन्होंने हिमाचल के बुनकरों से भी आग्रह किया कि वे भी इस तरह के मामलों को मंत्रालय के ध्यान में लाएं ताकि समय रहते ऐसे व्यापारियों के खिलाफ सख्त कार्रवार्इ की जा सके।
उन्होंने कहा कि कुल्लू जिला में हथकरघा और हस्तशिल्प उधोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार कर्इ कदम उठा रही है। केंद्रीय मंत्री ने कोलकाता की मिलों से लाए जाने वाले जयश्री धागे को आसानी से स्थानीय हथकरघा उधमियों को उपलब्ध करवाने के लिए कुल्लू में ही एक डिपो खोलने का प्रयास किया जाएगा। स्थानीय बुनकरों को प्रशिक्षित करने के लिए केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड के माध्यम से हरसंभव सहायता उपलब्ध करवार्इ जाएगी। उन्होंने प्रशिक्षु बुनकरों का दैनिक पारिश्रमिक 100 रूपये से बढ़ाकर 150 रूपये करने का भी ऐलान किया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हिमाचल के हथकरघा उधोग को सस्ती ऊन मुहैया करवाने के लिए कपास व रेशम की तर्ज पर कच्चे माल पर सबिसडी या छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसे शीघ्र ही वित मंत्रालय से स्वीकृत प्राप्त करके बुनकरों को लाभानिवत किया जाएगा।
इस अवसर पर जिला सहकारी सभा विकास संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें बुनकरों की समस्याओं से अवगत करवाया। उन्होंने जिले के बुनकरों की विभिन्न मांगें भी केंद्रीय मंत्री के समक्ष रखीं। जिले की अन्य बुनकर सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने मांगपत्र कपड़ा मंत्री को सौंपे।
इससे पहले शनिवार सुबह कपड़ा मंत्री ने निटिंग ट्रेनिंग सेंटर भुंतर, बौद्ध हैंडलूम वीवर्स कोआपरेटिव सोसाइटी, भुटटी वीवर्स कोआपरेटिव सोसाइटी, देवभूमि अंगोरा सिपनिंग मिल्स शमशी और गड़सा सिथत केंद्रीय भेड़ ऊन अनुसंधान संस्थान का दौरा किया। उन्होंने इन संस्थानों को केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री के साथ हस्तशिल्प विकास आयुक्त एस.एस. गुप्ता, हथकरघा के सहायक विकास आयुक्त, हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प व हथकरघा विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमर सिंह, केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड व हस्तशिल्प बोर्ड के उच्च अधिकारी, एसडीएम डा. सुरेश जसवाल, जिला उधोग केंद्र के महाप्रबंधक चमन लाल, कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक की निदेशक प्रेम लता ठाकुर और अन्य गणमान्य लोग भी उपसिथत थे।

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