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कांगड़ा जिला में समाज कल्याण की योजनाओं पर व्यय किए जा रहे हैं 60 करोड़ रूपये: उपायुक्त

धर्मशाला, 16 अक्तूबर: उपायुक्त रितेश चौहान ने कहा कि कांगड़ा जिला में जन
कल्याण एवं समग्र विकास सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से समाज कल्याण की
विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत इस वर्ष लगभग 60 करोड़ रूपये व्यय किए जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त बेरोजगार व्यक्तियों को प्रशिक्षण दे कर सुनिश्चित रोजगार
उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से ‘‘सुजोग’’ योजना (एस.यू.जे.ओ.जी.-स्किल
अपग्रेडेशन विद जॉबध्आऊटसोर्सिंग गांरटी) कार्यान्वित की जा रही है। इस योजना
के अंतर्गत सभी वर्गों के 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग के व्यक्तियों के लिए एक
वर्ष का निःशुल्क रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा कोर्स की
अवधि पूर्ण होने पर दो वर्ष का निश्चित रोजगार उपलब्ध करवाया जाएगा।
     उपायुक्त ने आज यहां आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में यह जानकारी
देते हुए कहा कि सुजोग योजना के अंतर्गत प्रदेश के सभी वर्गों के वे अभ्यर्थी
जिनकी आयु 18 से 45 वर्ष के मध्य है तथा पारिवारिक मासिक आय 5 हजार रूपये से
कम है, उन्हें योजना का लाभ मिलेगा। इसके अंतर्गत 10वीं पास शैक्षणिक योग्यता
रखने वाले पात्र व्यक्तियों को सोलन जिला के बद्दी में स्थित बद्दी तकनीकी
प्रशिक्षण संस्थान में एक वर्ष की अवधि के औद्योगिक रख-रखाव सर्टिफिकेशन
कार्यक्रम, क्वालिटी कंट्रोल एवं निरीक्षण सर्टिफिकेशन कार्यक्रम और
सूक्ष्मतामापी मैकानिस्ट सर्टिफिकेट कार्यक्रम करवाए जाएंगे। योजना के अंतर्गत
प्रशिक्षुओं को छात्रावास की सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और प्रत्येक अभ्यर्थी
को प्रदेश के भीतर प्रतिमाह 1500 रूपये और राज्य से बाहर 2500 रूपये छात्रवृति
प्रदान की जाएगी तथा 2000 रूपये प्रति प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण फीस का वहन
विभाग द्वारा वहन किया जाएगा।
     उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल कल्याण सुनिश्चित बनाने के दृष्टिगत जिला
में 4119 आंगनबाड़ी केन्द्रों और 107 मिनी आंगनबाड़ियों के माध्यम से छः माह से
छः साल की आयु तक के 88 हजार 879 बच्चों केे अतिरिक्त 21 हजार 397 गर्भवती
महिलाओं और धात्री माताओं को पोषाहार उपलब्ध करवाया जा रहा है। 11 से 18 वर्ष
के आयु वर्ग की 84 हजार 620 किशोरियों को विभागीय योजनाओं का लाभ प्रदान किया
जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से
स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है तथा अनेक प्रकार के वित्तीय
प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं।
     उपायुक्त ने कहा कि जिला में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य
पिछड़ा वर्ग से संबंधित परिवारों को वर्तमान वित्त वर्ष में लगभग 3 करोड़ 60 लाख
रूपये गृह अनुदान के रूप में उपलब्ध करवाएं गए हैं। इसके साथ-साथ समाज के
कमजोर वर्गों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित बनाने के लिए गृह निर्माण अनुदान
योजना, अनुवर्ती कार्यक्रम योजना, कंम्पयूटर एप्लिकेशन प्रशिक्षण कोर्स
इत्यादि कार्यक्रमों सहित विकलांगजनों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य
पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं कार्यान्वित की जा रही है।
     रितेश चौहान ने कहा कि सामाजिक कल्याण विभाग की विभिन्न कल्याणकारी
योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी देने एवं इनके उपयोग व आवेदन की
प्रक्रिया को लेकर लोगों को जागरूक करने के लिए विभाग को योजनाओं के ब्यौरे व
इसका लाभ प्राप्त करने के तरीके के बारे में विस्तृत जानकारी वाले बड़े
कैलेन्डर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें जिला भर की पंचायतों,
आंगनबाड़ी केन्द्रों सहित सरकारी एवं अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में लगाया
जाएगा।
     इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी तिलक राज आचार्य और जिला कल्याण अधिकारी
नरेन्द्र सिंह जरयाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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