October 19, 2017

कहीं आप भी खून की कमी का शिकार तो नहीं हो रहे

default (20)आज के भागदौड़ भरे जीवन में फास्ट फूड का प्रचलन बड़़ रहा है। जिससे भोजन में पौष्टिक आहार की कमी के कारण आज प्रत्येक वर्ग के लोग खून की कमी से जूझ रहे हैं। जिसमें अधिकतर संख्या युवाओं की है जिसके कारण उन्हें कमजोरी आदि की शिकायतें होने लगी हैं। खून की पाई जाने वाली इस कमी को एनीमिया कहते हैं। एनीमिया का प्रमुख कारण सही प्रकार की डाइट न लेना है। पुरुषों में खून की मात्रा 14 से 18 ग्राम प्रति डैसीलीटर होनी चाहिए। वहीं महिलाओं में यह 12 से 16 ग्राम प्रति डैसीलीटर है। इससे कम मात्रा में पाए जाने वाले खून को एनीमिया कहते हैं।  वैसे 10 ग्राम से अधिक खून वाले भी स्वस्थ रहते हैं, परंतु इससे कम खून वाले को अधिक से अधिक डाइट लेनी चाहिए। एनीमिया की 3 स्टेज होती हैं, जिनमें प्रथम स्टेज को माइलड कहते हैं, जो 10 से 12 ग्राम होती है। वहीं 6 से 10 ग्राम को मोडरेट व 6 ग्राम से कम की स्थिति खतरनाक होती है। जिसे सीवियर एनीमिया कहते हैं। एनीमिया अत्यधिक गंभीर रोग तब होता है जब हैपिटाइटिस बी, सी तथा एच.आई.वी. जैसे संक्रमण होते हैं। डाक्टरों का सुझाव है कि अधिक मात्रा में भी आयरन का सेवन नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि इससे हृदय संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

कैसे करें खून की कमी पूरी 

1 एनीमिया से निजात पाने के लिए बैलेंस डाइट जरूरी है। प्रोटीन, आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन, मांस, मछली में ही नहीं दूध, हरी सब्जियां, मटर, फलियों तथा पत्तेदार सब्जियों, शीरा, गुड़, किशमिश, खजूर, सेब इन सबमें अलग-अलग रूप में मिल जाते हैं। इन तत्वों में खून बनने में सहायता मिलती है।  

2 खाना खाने से पहले व बाद में आधे घंटे तक चाय का सेवन भी नहीं करना चाहिए। चाय खाने में मिलने वाले पौष्टिक तत्वों को डाइजेस्ट नहीं होने देती। 

3 आयरन युक्त डाइट तभी फायदेमंद होती है, जब उसके साथ विटामिन सी का भी सेवन किया जाए। विटामिन सी के लिए अमरूद, आंवला और संतरे का जूस लें।

वैसे तो बैलेंस्ड डाइट और हैल्दी लाइफ स्टाइल ही काफी है लेकिन फिर भी किसी कारण से एनीमिया हो जाता है तो प्रापर ट्रीटमैंट लेना आवश्यक है। डाक्टर की सलाह से ब्लड टैस्ट कराएं ताकि बीमारी का कारण पता चल सके। उसके बाद ही डाक्टर आपका सही ट्रीटमैंट कर सकेंगे।
 

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