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उद्योग बताएं, कैसे ठिकाने लगाया तरल कचरा

शिमला, aa
शिमला, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिमाचल सहित उत्तरी राज्यों में ओद्यौगिक बस्तियों द्वारा तरल कचरे को ठिकाने लगाने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं, उद्योगों को तरल व्यर्थ कचरे को ठिकाने लगाने की प्रक्रिया का काम 31 मार्च, 2015 तक सिरे चढ़ाना आवश्यक होगा। नाफरमानी पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ऐसी यूनिट्स को शटडाउन करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं ठोस कूड़ा-कचरा प्रबंधन के लिए भी शहरी विकास विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इसके लिए अधिकृत है, जो इसकी निगरानी करेगा। चंडीगढ़ में उत्तरी राज्यों के प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्षों के साथ केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष ने आठ व नौ जनवरी को दो दिवसीय बैठक की थी। इसी दौरान ये हिदायतें हिमाचल सहित अन्य उत्तरी राज्यों को दी गई है। प्रदेश से इस बैठक में बोर्ड के चेयरमैन कुलदीप सिंह पठानिया ने भाग लिया था। दूसरी बैठक में बोर्ड के सदस्य सचिव विनीत कुमार भी मौजूद थे। जानकारी मिली है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने हिमाचल सहित अन्य उत्तरी राज्यों को एमबिएंट एयर क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन करने के अलग से निर्देश दिए हैं। हिमाचल में 100 से भी ज्यादा क्षेत्रों में एमबिएंट एयर सैंपलर लगाए गए हैं। हालांकि कई इंडस्ट्रियल क्षेत्रों में वायु प्रदूषण काफी ज्यादा है, मगर पर्यटन सीजन को छोड़कर प्रदेश के अन्य 56 शहरों में बोर्ड तय मानकों के तहत ही कार्बन व सूक्ष्म धूलिकण के साथ-साथ नाइट्रसआक्साइड नियंत्रण में रहने के दावे करता आ रहा है। केंद्रीय बोर्ड ने प्रदेश के बोर्डों को ये निर्देश भी दिए हैं कि परिवहन विभाग के साथ इस बाबत बैठक करके सुनिश्चित किया जाए कि ट्रैफिक से वायु प्रदूषण न फैलने पाए। इसके लिए निगरानी प्रक्रिया को और सख्त किए जाने की आवश्यकता है।

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