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इंटक ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बैनर तले लाए मजदूर संगठन: जगतराम

देश में इंटक ने 3.34 करोड़ सदस्य बनाए

हिमाचल में दस सूत्रीय मांगों को लेकर उठाई जाएगी

ऊना, 15 सितंबर (ममता भनोट) :

देश में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. जी. संजीवा रेड्डी ने मजदूरों के हित में सभी मजदूर संगठनों को एक बैनर तले इकट्ठा किया है। यह बात हिमाचल इंटक के महासचिव एवं राज्य भवन व अन्य निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड के सदस्य कामरेड जगत राम शर्मा ने रायेपुर छत्तीसगढ़ में इंटक के राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेने के बाद ऊना में कही। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर दस बिंदूओं के मांग पत्र पर संघर्ष का ऐलान किया गया है, जिसमें ठकेदारी प्रथा पर रोक लगाने स्थानीय व अस्थायी मजदूरों को एक सामान दिहाड़ी देने, न्युनतम मजदूरी में संशोधन करना, प्रत्येक मजदूर की मासिक आय कम से कम दस हजार रुपए तक सुनिशिचत करना, बौनस व पीएफ की पात्रता के लिए सब तरह की पैमेंट पर सीलिंग को समाप्त कर ग्रेजुटी में वृद्वि करना, सभी को पैंशन देना, मजदूरों को रोजगार हेतू अवसर सर्जन करने के लिए ठोस पद उठाना, श्रम कानुनों को सख्ती से लागु करना, मजदूरों के लिए राष्ट्रीय समाजिक सुरक्षा को स्थापित करना, समाजिक सुरक्षा कवच सभी असंगठित कामगारों के लिए सुनिशिचत करना, 45 दिनों के भीतर ट्रैड यूनियन की रजिस्ट्रेशन करना, अंतराष्ट्रीय श्रम संगठन कन्वैशन 87 से 98 तक रैटीफिकेशन करना, मंहगाई पर अंकुश लगाने के लिए कारगर कदम उठाना, केंद्रीय व राज्य उपक्रमों में भी निवेश भी तत्काल बंद करना जैसी मांगे उठाई गई है। कामरेड जगत राम ने कहा कि इन मांगों को लेकर हिमाचल में भी सभी मजदूर संगठनों से तालमेल बिठा कर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इंटक वर्तमान समय में देश का अग्राणी कामगार संगठन है, जिसकी सदस्य संख्या 3.34 करोड़ का लक्ष्य पार कर गई है। उन्होंने कहा कि इंटक की स्थान श्रामिकों के हितों की रक्षा करने के लिए हुआ और लगातार इंटक का विस्तार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इंटक के राष्ट्रीय जी. संजीवा रेड्डी ने इंटक ने देश में नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में भी इंटक मजदूरों के हितों की लड़ाई लड़ रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह मजदूरों के हितों में कार्य कर रहे है और इंटक मजदूरों की हर आवाज को मुख्यमंत्री के समक्ष बुलंद करेगी।

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