Header ad
Header ad
Header ad

आसाराम केस में जेठमलानी की दलील, लड़की मानसिक बीमार

 

जोधपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट में जब आसाराम की जमानत याचिका पर पैरवी के लिए वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी पहुंचे तो एक नई बहस शुरू हो गई। जेठमलानी की तरफ से एक नक्शा पेश किया गया और उन्होंने तर्क दिया कि पीड़ित लड़की कुटिया में गई ही नहीं। जेठमलानी की दलील को देखते हुए केस डायरी को मंगवाने का फैसला किया गया। इसमें ये देखा जाएगा कि जांच कहां तक पहुंची है।

 जेठमलानी ने लड़की के 164 के तहत दिए गए बयान पर भी चर्चा की। कुल मिलाकर जांच को एक नई दिशा में ले जाने की कोशिश की जा रही है। पूरे मामले को देखते हुए अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 18 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।

 राम जेठमलानी ने आसाराम के पक्ष में कई दलीलें पेश कीं। जेठमलानी ने कहा कि अगर लड़की के साथ यौन शोषण हुआ तो उसकी मां ने भी उस दौरान महसूस क्यों नहीं किया। जब वो लोग कुटिया से निकल रहे थे तो आसाराम के बाकी लोगों ने भी ऐसा महसूस क्यों नहीं किया। जेठमलानी ने पीड़ित लड़की पर ही सवाल उठाए और कहा कि उसे मानसिक समस्या है और वो कहानियां गढ़ती है।

 लड़की की उम्र को लेकर भी सवाल खड़े किए गए। आरोप लगाया कि पीड़ित नाबालिग है, ये केवल एक सर्टिफिकेट के आधार पर तय न किया जाए। जेठमलानी ने ये भी पूछा कि तथाकथित यौन शोषण के बाद मेडिकल जांच में देरी क्यों हुई। इसकी भी जांच होनी चाहिए। इसके बाद कोर्ट ने केस डायरी मंगवा ली है।

 दूसरी ओर सरकारी वकील ने राम जेठमलानी के आरोपों को खारिज कर दिया है। वकील आनंद पुरोहित के मुताबिक जेठमलानी की दी गई दलीलों में विरोधाभास है और 18 तारीख को इनका जवाब दाखिल किया जाएगा।  बातचीत में आनंद पुरोहित ने कहा कि लड़की अगर मानसिक बीमार भी होती तब भी कानून के मुताबिक उसके साथ हुई हरकत को जायज नहीं ठहराया जा सकता।

 लड़की की उम्र के सर्टिफिकेट के मुद्दे पर सरकारी वकील ने कहा कि लड़की आसाराम के स्कूल में ही पढ़ती है। वहीं से सर्टिफिकेट जारी हुआ है। अपने ही सर्टिफिकेट को कैसे कोई कठघरे में खड़ा कर सकता है। जेठमलानी भला ऐसा कैसे कह सकते हैं कि लड़की नगर निगम से सर्टिफिकेट लाए, हमारे गुरुकुल से जारी सर्टिफिकेट काफी नहीं।

 सरकारी वकील ने जेठमलानी के कोर्ट में पेश किए गए आश्रम के नक्शे को भी गलत बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट में जो नक्शा बचाव पक्ष ने पेश किया वो बिल्कुल झूठा था क्योंकि वो नक्शा उल्टा पेश किया गया था। सीधा नक्शा हम 18 सितंबर को कोर्ट में पेश कर देंगे।

Share

About The Author

Related posts

Leave a Reply

 Click this button or press Ctrl+G to toggle between multilang and English

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please Solve it * *