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आनी के लुहाल स्वास्थ्य उपकेंद्र में एक साल से लटका ताला

आनी (देविंदर ठाकुर ) – सरकार की महत्वाकांक्षी योजना राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की सच्चाई का पर्दाफार्श प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों, नर्सों और अन्य स्टाफ की कमी से हो रहा है। स्वास्थ्य खंड आनी के अंतर्गत ग्रामीण दुर्गम पंचायतों खनाग और लझेरी के करीब 25 गांवों के पांच सौ से ज्यादा लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने की मंशा से खोले गये खनाग पंचायत के लुहाल स्वास्थ्य उपकेंद्र में मेल हैल्थ वर्कर और फिमेल हैल्थ वर्करों की कमी के कारण एक साल से ताला लटका पड़ा है। जबकि गाहे बगाहे इस उपकेंद्र में मेलहैल्थ वर्कर को डैप्युटेशन पर भेज कर काम चलाया जा रहा। जिस पर खनाग पंचायत के प्रधान मंगत राम कारदार और लझेरी पंचायत के प्रधान बेली राम ठाकुर सहित प्रभावित सैंकड़ों लोगों ने बेहद रोष प्रकट किया है। वहीं जानकारी के अनुसार करीब छ: माह पहले लुहाल स्वास्थ्य उपकेंद्र में एक फिमेल हैल्थ वर्कर की नियुक्ति भी कर दी गई थी। मगर ऊंची पहुंच और सांठ गांठ के चलते उक्त फिमेल हैल्थ वर्कर ने अपनी एडजस्टमेंट स्वास्थ्य निदेशालय से एक पत्र लाकर जिला मुख्यालय कुल्लू में ही डैप्यूटेशन लगवाकर करवा ली है। जबकि उसकी तनख्वाह इसी केंद्र से बननी थी। मगर पंचायत प्रधान का कहना है कि जब सेवाऐं ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं दी जा रही तारे तनख्वाह भी नहीं मिलनी चाहिए। प्रधान के नाराजगी जाहिर करने पर सीएमओ कुल्लू ने छ: माह से फिमेल हैल्थ वर्कर की तनख्वाह भी रोक दी है। खनाग पंचायत के प्रधान मंगतराम कारदार और लझेरी पंचायत के प्रधान बेलीराम ठाकुर का कहना है कि उन्होंने ने इस बारेें कई बार विभाग तथा स्थानीय विधायक से बात की है,लेकिन अभी तक कोई भी समाधान नही हुआ। उन्होंने सरकार से मांग उठाई है कि जिसकी नियुक्ति इस सबसेंटर के लिए की गई है, उसकी यहां जल्द नियुक्ति की जाए। इधर इस बारे सीएमओ कुल्लू डॉ० बलदेव ठाकुर ने कहा कि उक्त सबसेंटर के लिए महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की नियुक्ति तो हुई है लेकिन निदेशालय से कार्यकर्ता ने कुल्लू अस्पताल के लिए डेपुटेशन के आदेश लाए है। जबकि उक्त कार्यकर्ता की तनखवाह भी बंद है। जबकि मेल हैल्थ वर्करों की तो आनी क्या पूरे जिला भर में ही कमी है।

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