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आईडीबी ने खोलीं रोप-वे की निविदाएं

शिमला — हिमाचल में पिछले दस वर्षों से लटकते आ रहे रोप-वे प्रोजेक्ट्स की निविदाएं शुक्रवार को आईडीबी ने खोल दी हैं। अब इन पर दस दिन के अंदर फैसला लिया जा सकता है। मंत्रिमंडल की बैठक 14 जनवरी को धर्मशाला में बुलाई गई है। सूत्रों का कहना है कि आवेदकों की जानकारी मंत्रिमंडल में देकर फिर आगामी कार्रवाई होगी। मंत्रिमंडल ही तय करेगा कि ये प्रोजेक्ट बीओटी पर बनेंगे या फिर पीपीपी पर। इन प्रोजेक्ट्स के लिए टाटा समेत कई अन्य नामी कंपनियों की निविदाएं खोले जाने की सूचना है। मुंबई, अहमदाबाद व कोलकाता में इन्वेस्टर मीट के दौरान रोप-वे के लिए भी निवेशकों ने इच्छा जताई थी। इनमें टाटा ग्रुप फिर से पहुंचा था। लिहाजा अब उम्मीद की जा रही है कि सरकार की गंभीरता से ये बहुप्रतीक्षित प्रोजेक्ट्स जल्द सिरे चढ़ सकते हैं। उल्लेखनीय है कि नयनादेवी रोप-वे के लिए धूमल सरकार ने स्पेशल पर्पज व्हीकल का भी गठन कर दिया था, मगर मौजूदा सरकार ने इसे वित्तीय तौर पर सकारात्मक नहीं माना। लिहाजा इसे रद्द कर दिया गया। पंजाब के साथ मिलकर आनंदपुर साहिब से श्रीनयनादेवी तक रोप-वे स्थापित किया जाना था। हिमाचल के भीतर कौलां वाला टोबा से शक्तिपीठ तक इसे स्थापित किया जाना था, मगर यह सिरे नहीं चढ़ सका। अब मौजूदा सरकार इसे हिमाचल की सीमा के भीतर ही कौलांवाला टोबा से मंदिर तक बनाने की तैयारी में है। अभी तक श्रीनयनादेवी बस स्टैंड से मंदिर तक ही गणपति रोप-वे का प्रोजेक्ट चल रहा है। शिमला में टुटीकंडी से पुराने बस अड्डे और पुराने बस स्टैंड से मालरोड तक दूसरा रोप-वे स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए रेलवे के उपक्रम राइट्स ने पहले ही सर्वेक्षण रिपोर्ट दे रखी है।

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