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आईजीएमसी शिमला में दक्षता पाठ्यक्रम एवं लैपरोस्कोपिक शल्य चिकित्सा कार्यशाला

इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आईजीएमसी), शिमला के शल्य चिकित्सा विभाग द्वारा 4 अप्रैल से 6 अप्रैल, 2014 तक 31वां एएमएएसआई दक्षता पाठ्यक्रम, एफएमएएस परीक्षा तथा एड्वांसड लैपरोस्कोपिक शल्य चिकित्सा कार्यशाला आयोजित की जाएगी। आईजीएमसी के शल्य चिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. के.एस. जसवाल ने यह जानकारी आज यहां दी। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में हिमाचल प्रदेश तथा पड़ोसी राज्यों के साथ-साथ विदेशों के शल्य चिकित्सक तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि इस पाठ्यक्रम से प्रदेश के शल्य चिकित्सकों एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों को लैपरोस्कोपिक शल्य चिकित्सा के आधारभूत एवं उच्च स्तरीय सिद्धांतों को समझने में सहायता मिलेगी। इससे व्यवसायिक दक्षता में सुधार होगा और रोगियों को न्यूनतम शल्य चिकित्सा के लाभ मिलेंगे। दक्षता पाठ्यक्रम का उद्देश्य लैपरोस्कोपिक शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम जानकारी का स्तरोन्नयन करना है। उन्होंने कहा कि 4 तथा 5 अप्रैल, 2014 को प्रातः 8 बजे से 11 बजे के मध्य दो आप्रेशन थियेटरों से शल्य चिकित्सा का सीधा प्रसारण किया जाएगा। तदोपरांत दक्षता पाठ्यक्रम का आयोजन किया जाएगा तथा उन उम्मीदवारों का एफएमएएस प्रमाणीकरण किया जाएगा, जो परीक्षा में उतीर्ण होंगे। प्रो. जसवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत शल्य चिकित्सकों एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों को इस दक्षता पाठ्यक्रम एवं कार्यशाला में भाग लेने की स्वीकृति दी है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला के कुलपति प्रो. ए.डी.एन. बाजपेयी 4 अप्रैल, 2014 को कार्यशाला का शुभारम्भ करेंगे।

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