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अवैध तरीके से भूमि के खरीद-फरोखत के मामले संज्ञान में लाएं: उपायुक्त

जिला कलैक्टर सोलन मदन चौहान ने आज महत्वपूर्ण फैसला देते हुए हिमाचल प्रदेश
टैंनेंसी भू-सुधार अधिनियम धारा 118 के तहत् अवैध रूप से खरीदी गई 34.10
बिघा भूमि को सरकारी कब्जे में ले लिया है। उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल द्वारा इस भूमि के अवैध होने का पता लगाया गया था और मामला न्यायालय में पेश किया। यह भूमि सुधीर कुमार मरवाह, सपुत्र राजपाल, मकान न0 बी/71 सर्वोदय एनकलेव मालविय नगर दक्षिण दिल्ली ने सिरमौर के पच्छाद तहसील से 8 मार्च, 2011 को जाली कृषि प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर यह भूमि खरीदी गई थी। जि़ला कलैक्टर ने बताया कि विशेष जांच दल द्वारा इसकी जांच करने पर पाया गया कि कृषि प्रमाण पत्र 482/211 दिनांक 11 मार्च, 2011 को सुनीता देवी, पत्नी हेमराम के नाम पर जारी हुआ था जबकि भूमि क्रेता ने जाली प्रमाण पत्र जारी कर भूमि क्रय की। कलैक्टर ने बताया कि 12.13 बीघा भूमि गांव कोठी तहसील सोलन तथा 21.17 बीघा भूमि गांव चापला व सवाड़ तहसील कसौली में इस अधिनियम के तहत् अवैध पाई गई। उन्होंने कहा कि सोलन जि़ला में विशेष जांच दल द्वारा विभिन्न स्थानों पर इस अधिनियम के तहत् भूमि की जांच पड़ताल की जा रही है और हिमाचल प्रदेश टैंनेंसी भू-सुधार अधिनियम धारा 118 के तहत् भूमि का पता लगने पर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि उपरोक्त
34.10 बीघा भूमि को सरकार ने अपने कब्जे में लिया है। चौहान ने कहा कि सोलन जि़ला में अवैध तरीके से बेची गई भूमि के बारे में सूचना राजस्व विभाग या उपायुक्त सोलन को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।

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