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अब अलग से बनाईं जाएंगी न्याय पंचायतें

भुंतर।

पंचायत स्तर पर ही लोगों को शीघ्र न्याय प्रदान करने के लिए हिमाचल में फिर से न्याय पंचायतों को अलग से स्थापित किया जाएगा। न्याय पंचायतों को ग्राम पंचायतों से अलग करने के लिए दांवपेच आरंभ हो गए हैं और इन पेंचों के बीच राज्य सरकार ने भी कुछ सकारात्मक संकेत देने आरंभ किए हैं। जानकारी अनुसार पंचायती राज पर कार्य करने वाली राज्य की कुछ संस्थाएं और संगठन इस संदर्भ में पूर्व के अभियान को तेज करने वाले हैं और जल्द ही राज्य सरकार के साथ मुलाकात कर इसमें तेजी लाने का आग्रह करने वाले हैं। पंचायती राज संगठनों के अनुसार अगर ऐसा होता है तो ग्राम पंचायतें इस अतिरिक्त भार से मुक्त हो जाएंगी। पंचायत राज पर कार्य करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधियों के अनुसार पिछले कई सालों से सरकार को इन पंचायतों को अलग करने का मामला उठाया गया था और वर्तमान में सत्तासीन पार्टी ने चुनाव के दौरान इसे चुनावी मुद्दा भी बनाया था। प्रतिनिधियों के अनुसार अभी तक ठोस पहल नहंी हुई है और इसके लिए जल्द ही प्रतिनिधि फिर से राज्य सरकार के पास पहुंचने वाले हैं और चुनावी वादे को पूरा करने का आग्रह करेंगे। राज्य की एक संस्था सरधा के मुखिया मदन शर्मा कहते हैं कि अभी तक बजट की कमी के कारण मसला लटका हुआ है, लेकिन सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत भी मिले हैं। उनके अनुसार अगर न्याय पंचायतें अलग हुई तो लोगों को फिर से ग्राम स्तर पर ही शीघ्र न्याय मिल पाएगा।

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