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अन्य पिछड़ा वर्गों का कल्याण प्रदेश सरकार की प्राथमिकता: मुख्यमंत्री

धर्मशाला, 7 जनवरी- मुख्यमंत्री श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश
सरकार अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण एवं विकास पर विशेष ध्यान दे रही है
ताकि इन वर्गों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। राज्य सरकार प्रदेश के सभी
लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने और उनके जीवन स्तर के सुधार
लाने के लिए प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड
का गठन किया है, ताकि इन समुदायों की समस्याओं को चिन्हित कर उनका
निपटारा सुनिश्चित बनाया जा सके। वर्ष 2001 की जनगणना के अनुसार प्रदेश
की कुल जनसंख्या की 15.27 प्रतिशत आबादी अन्य पिछड़ा वर्ग की है।
मुख्यमंत्री आज धर्मशाला में हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण बोर्ड
की 9वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
श्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग के प्रमाण पत्र प्राप्त
करने के लिए क्रिमिलेयर श्रेणी के लोगों की वार्षिक आय सीमा को 7 अगस्त,
2013 से 4.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 6 लाख रुपये की है। इन प्रमाण पत्रों की
वैधता वर्तमान में दो वर्ष निर्धारित की गई है। उन्होंने कहा कि दूरदराज
व जनजातीय क्षेत्रों में सभी क्रियाशील पदों को प्राथमिकता के आधार पर
भरा जा रहा है। प्रदेश सरकार ने पहले ही शिक्षा विभाग को स्कूल प्रबन्धन
समितियों के माध्यम से इन पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी
खाली पदों को स्कूल प्रबन्धन समितियों के माध्यम से भरने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने तहसील नालागढ़ के ढांग ऊपरली और ढांग निहाली में
आयुर्वेदिक औषधालय खोलने सम्बन्धी वस्तु स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के
भी निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने राजकीय उच्च पाठशाला ढांग निहाली को राजकीय वरिष्ठ
माध्यमिक पाठशाला में स्तरोन्नत करने को भी स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने
कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्रों में पंजाबी भाषा को अनिवार्य नहीं
बनाया जाएगा, लेकिन जहां आवश्यक हुआ मांग के अनुरूप पंजाबी अध्यापक
उपलब्ध करवाए जाएंगे। उन्होंने शिक्षा विभाग को विद्यार्थियों के हितों
को ध्यान में रखते हुए हि.प्र. राज्य विद्युत बोर्ड लिमिटेड के गिरि पावर
हाउस उच्च पाठशाला को अपने अधीन करने के निर्देश दिए।
श्री वीरभद्र सिंह ने पथ परिवहन निगम की बस सेवा को ग्राम पंचायत
काली-हट्टी-गलोग से धामी तक बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में अन्य जानवरों के साथ-साथ बंदरों के उत्पात पर
रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने लैंटाना घास
के बढ़ने पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए आवश्यक कदम
उठाए जा रहे हैं और वन विभाग द्वारा  इस वित्त वर्ष के दौरान 10 हजार
हेक्टेयर भूमि को लैंटानामुक्त बनाकर वहां अन्य बड़ी पत्तियों व फलदार
पौधे लगाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग तथा सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को
दरिणी, कनोल तथा रिडकधार पंचायतों में कूहलों की मुरम्मत के निर्देश दिए
और हमीरपुर जिले की भोरंज तहसील की ग्राम पंचायत मैहल की अन्य पिछड़ा वर्ग
बस्ती में विकास कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने
ग्रामीण विकास विभाग को रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत करने को भी कहा। उन्होंने
शिमला तहसील के गुम्मा बस स्टैंड के नजदीक दो वर्षों से लम्बित पुल
निर्माण के मामले में उच्च स्तरीय जांच के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त ऊना को ग्राम पंचायत समूरकलां मोहाल बोड़ वार्ड
संख्या 5 के सम्पर्क मार्ग को दो लाख रुपये और समूरकलां पंचायत के मोहाल
छलवल के वार्ड संख्या 4 रास्ते निर्माण के लिए एक लाख रुपये उपलब्ध
करवाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सोलन जिला के नालागढ़ तहसील के किशनपुर गांव में
कुश्ती मैदान का निर्माण किया जाएगा।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. कर्नल धनी राम शांडिल ने अपने
स्वागत सम्बोधन में कहा कि प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण के लिए
अनेक कार्यक्रम व योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। हिमाचल प्रदेय अन्य
पिछड़ा पर्ग वित्त एवं विकास निगम कांगड़ा में स्थापित किया गया ह, जो इन
वर्गों को वैबसाइट प्रशिक्षण उपलब्ध करवा रहा है और स्वरेाजगार
गतिविधियां आरम्भ करने केलिए 10 लाख रुपये तक का ऋण कम ब्याज पर प्रदान
किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष 3,936 लाभार्थियों को 45.77
करोड़ रुपये के ऋण प्रदान किए गए। निगम इन समुदाय के पात्र बच्चों के लिए
उच्चतर व व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में शिक्षा ग्रहण करने के लिए 50 हजार
रुपये तक बिना ब्याज के ऋण प्रदान कर रहा है।
परिवहन तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री जी.एस. बाली ने
मुख्यमंत्री तथा बैठक में उपस्थित सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अजय मित्तल ने कार्यवाही का संचालन किया।
वन मंत्री श्री ठाकुर सिंह भरमौरी, शहरी विकास मंत्री श्री सुधीर शर्मा,
मुख्य संसदीय सचिव श्री जगजीवन पाल, हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त
एवं विकास बनगम श्री चन्द्र कुमार, वन विकास निगम के उपाध्यक्ष श्री केवल
सिंह पठानिया, पूर्व विधायक श्री सुरेन्द्र काकू, जिला कांग्रेस समिति के
सुमन वर्मा, मुख्य सचिव श्री पी. मित्रा, अन्य पिछड़ा कल्याण बोर्ड के
सरकारी व गैर सरकारी सदस्य भी बैठक में उपस्थित थे।
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