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अध्यापक बच्चों में खेल-खेल में वैज्ञानिक सोच पैदा करें

हमीरपुर, विज्ञान में बच्चों को मात्र फार्मूले सीखाना नहीं अपितु उन्हें अपने परिवेश में प्रतिदिन होने वाली छोटी-छोटी गतिविधियों के व्यवहारिक रूप में अध्ययन बारे प्रेरित कर, उसमें रूचि पैदा करना आवश्यक है। छोटे-छोटे मॉडल बच्चों को विज्ञान कौशल के रोमांच से विज्ञान रूचि की ओर आकर्षित करते हैं। उपायुक्त रोहन चंद ठाकुर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चकमोह में विद्यार्थियों द्वारा साइंस स्कील एंड थ्रिल पर आधारित पाठ्यक्रम से तैयार किए गए मॉडल प्रदर्शनी समारोह का अवलोकन करने के उपरान्त अध्यापकों , अभिभावक और बच्चों के साथ अपने विचार सांझा किए l उन्होंने तकनीकी दक्षता व विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करने के लिए अध्यापकों द्वारा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग देकर बच्चों द्वारा तैयार किए गए मॉडलों की सराहना की । विज्ञान अध्यापकों से कहा कि अपने संबंधित स्कूल में बच्चों को इस प्रकार के प्रशिक्षण देकर मॉडल तैयार करवाएं । उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी शिक्षा के लिए कम लागत से तैयार मॉडल खेल-खेल में विज्ञान मजा, जिज्ञासा, खोज तथा परीक्षण त्रुटियां ही विज्ञान की प्रारम्भिक सीढ़ी है इसलिए अध्यापक बच्चों में पढ़ाई के साथ खेल-खेल में विज्ञान के प्रति भी सोच पैदा करें। इस मौके पर एसडीएम अक्षय सूद, प्रारम्भिक शिक्षा उप-निदेशक इन्द्र जीत सिंह , विज्ञान पर्यवेक्षक अश्वनी चम्बयाल, बीबीएन मॉडल स्कूल प्रधानाचार्य करता ठाकुर , बीबीएन वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला के प्रधानाचार्य संजीव सोहरू के अतिरिक्त सरकारी स्कूलों के विज्ञान अध्यापक उपस्थित थे।

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