October 23, 2017

अघोषित नकदी पर नज़र के लिए मोबाइल निगरानी टीमें

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र चौहान ने आज यहां कहा कि भारत के निवार्चन आयोग के निर्देशानुसार, अघोषित नकदी रखने वालों पर नजर रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि 10 लाख रुपये से अधिक की नकदी लाते अथवा ले जाते समय दस्तावेजी प्रमाण साथ रखें। यदि कोई व्यक्ति संपत्ति बेचकर नकदी साथ ला रहा है तो उसे समझौते अथवा रजिस्ट्री की काॅपी साथ रखनी होगी। बैंक से पैसा निकालने वाले व्यापारी को बैंक स्टेटमेंट दिखानी होगी। यदि नकदी बैंक में जमा करने के लिए ले जाई जा रही है तो व्यापारिक प्रतिष्ठान की कैश बुक की काॅपी साथ रखनी होगी। उन्होंने कहा कि जब्त नक्दी को आयकर दल को सूचना देने के पश्चात लाॅकर, पुलिस थाना के मालखाने अथवा कोषागार में रखा जाएगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग के निर्देशों के अनुसार, आयकर विभाग का जांच निदेशालय निगरानी दलों की रिपोर्ट के आधार पर नकदी को कब्ज़े में लेगा। ऐसा तभी होगा जब आयकर अधिकारियों को नकदी के संबंध में समुचित जानकारी प्रदान नहीं की गई हो। उन्होंने कहा कि जहां अधिक मात्रा में नकदी संभावित होगी अथवा चुनावी प्रक्रिया के दौरान ऐसी सूचना मिलेगी और संबंधित व्यक्ति यदि इस संबंध में जांच अधिकारी को संतोषजनक जानकारी उपलब्ध नहीं करवा पाएगा तो आयकर विभाग आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत संबंधित व्यक्ति के कार्यालय और घर की तलाशी भी ले सकेगा। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग सभी होटलों और फार्महाउस पर नज़र रखेगा और नकदी व उपहार के मामले में संदेह की स्थिति में होटल प्रबंधन अथवा होटल के मालिक से दैनिक आधार पर सूचना एकत्र करेगा। व्यापारिक परिसर अथवा आवास से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की स्थिति में आयकर कानून के अनुसार पुलिस एवं दंडाधिकारी की सहायता से उचित कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। यदि किसी बैंक से किसी व्यक्ति द्वारा अधिक मात्रा में नकदी निकालने की सूचना प्राप्त होती है तो आयकर विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा।

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