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अंधाधुंध चुनावी खर्चा लोकतंत्र के लिए खतरा

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धर्मशाला — पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के लोकसभा प्रत्याशी शांता कुमार ने कहा कि अंधाधुंध बढ़ता चुनावी खर्चा लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि जहां धन लगेगा, वह सफेद नहीं हो सकता काला ही होगा। फिजूलखर्ची से पीड़ा हो रही है, धन का प्रभाव बढ़ने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। शांता ने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो सबसे पहले चुनाव कानून में सुधार करने का प्रयास किया जाएगा। चुनावी खर्च को समाप्त करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश में गरीबी और भुखमरी फैली हुई, लेकिन दूसरी ओर राजनीतिक दल रैलियों और प्रचार पर करोड़ों रुपए बहा रहे हैं, जो भूखे गरीब लोगों से वोट लेकर उनका मजाक उड़ाना है। देश में भुखमरी और कुपोषण से हजारों लोग मर रहे हैं। शांता कुमार ने कहा कि इस बार लोस चुनाव लड़ते समय उन्होंने फैसला किया है न तो वह रोड़ शो करेंगे और न ही नामांकन भरते समय गाडि़यों का काफिला लाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रत्याशी चंद्र कुमार भी उनके अच्छे मित्र हैं। यदि वह चाहें तो मीटिंग कर सकते हैं और मिलकर चुनावों में होने वाले खर्चे को कम किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हमें कांगड़ा से इसकी पहल करनी चाहिए। कांगे्रस-भाजपा दोनों दलों को मिलकर इस बात का निर्णय करना होगा कि फिजूलखर्ची न हो, फिजूलखर्ची ही भ्रष्टाचार का प्रमुख कारण है। इस मौके पर भाजपा के प्रदेश महामंत्री विपन सिंह परमार, पूर्व मंत्री किशन कपूर, संसदीय संगठन मंत्री संजय ठाकुर, जिला अध्यक्ष हिंदवीर कोहली, हिमांशु मिश्रा और राकेश शर्मा सहित पार्टी के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भाजपा प्रत्याशी शांता कुमार 17 अप्रैल को धर्मशाला में अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। शांता कुमार के नामांकन में संसदीय क्षेत्र के सभी 17 हलकों से मात्र एक-एक वाहन आएगा। शांता इस दिन सबसे पहले शहीद स्मारक शहीदों को श्रद्धांजलि देकर संकल्प लेंगे कि शहीदों के सपनों का भारत बने।

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